सावधान!
अगर आप घर पर बैठे है और आपके मोबाईल पर अचानक आपके खाता से रूपया निकलने का मैसेज आता है और आप ने किसी को अपना ATM कोड भी नही बताया हो तो समझ लीजिए आप ATM CLONING का शिकार हो गये है यानि किसी फ्राड ने बना लिया है आपके ATM का डुप्लीकेट।
अब आप ये सोच रहे होंगे कि ATM का डुप्लीकेट कैसे बन सकता है Cyber Crime पुलिस बता रही है आपको कैसे बनता है-ATM CLONE..?
आज कल ATM फ्राड गिरोह सिक्योरिटी गार्ड वाले ATM मे एक विशेष प्रकार की चीप ATM मे फीट कर देते है और ATM की छत पर थोडी देर के लिए बैटरी से चलने वाला एक CCTV कैमरा लगा देते है जब आप उस ATM मे अपना का कार्ड डालते है तो आपका सारा डेटा उस चीप मे ट्रांसफर हो जाता है और उपर लगे कैमरा मे आपका कोड़ रिकोडॅ हो जाता है ! आपके जाने के बाद ATM के आस पास खड़ा व्यकित चीप और CCTV निकाल कर चीप के डेटा से उसी नम्बर का ATM तैयार कर CCTV से आपका कोड लेकर आपके खाते से रूपया निकाल लेता है ।
ATM फ्राड गिरोह से बचने के लिए क्या करें ?
(1) बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले ATM से रूपये न निकाले।
(2) ATM मे घुसने के बाद विशेषकर छत पर आवश्य नज़र डालें कि छत पर कोई कैमरा तो नही लगा है,आपको बता दे कि बैंक कभी भी बोर्ड की तरफ कैमरा नही लगाता है।
(3) सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बोर्ड मे अपना कोड़ टाइप करते समय उपर से दूसरे हाथ की आड़ कर दे,ऐसे मे अगर कैमरा लगा भी होगा भी होगा तो आपका कोड़ उसमे रेकोर्ड नही होगा।
(4) ATM के अन्दर रूपये निकालते समय कोई व्यकित हो उसे बाहर निकलने का अनुरोध करे।
(5) ATM मे किसी भी प्रकार की छेड छाड महसूस होने पर या संदिग्ध कैमरा लगा होने पर तत्काल निकटतम पुलिस को अथवा बैंक को सूचित कर मौके पर तत्काल बुलावे।
(6) अपना ATM कार्ड,आधार नम्बर,मोबाईल नम्बर किसी को न बताये !
" सतर्कता ही धोखा धडी से बचने का सबसे बडा उपाय है"
आपकी सेवा में किशनगंज पुलिस सदैव तत्पर!
किशनगंज पुलिस प्रसाशन द्वारा जारी दिशा निर्देश!

