अक्षय कुमार के साथ पीएम मोदी ने शेयर किए दिल के राज, 'विपक्षी दलों में मेरे कई दोस्त'।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐक्टर अक्षय कुमार के साथ हुई अनौपचारिक इंटरव्यू में दिल के राज़ खोले। पीएम ने अपने बचपन की यादों से लेकर गुस्से पर नियंत्रण, पारिवारिक रिश्तों और जिंदगी के फलसफे पर दिल खोलकर बातें की। पीएम ने कहा कि राजनीति में आने और प्रधानमंत्री बनने का सपना उन्होंने नहीं देखा था। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे परिवार से आता हूं कि मुझे छोटी-मोटी कोई नौकरी मिल जाती तो भी मेरी मां सबको गुड़ खिला देती।

मैं कभी-कभी आश्चयर्य करता हूं कि देश ने मुझे इतना प्यार कैसे दिया।' पीएम ने अपने पढ़ने के शौक और सेना में जाने के सवाल पर कहा, 'बचपन में मुझे किताबें पढ़ने का शौक था गांव की लाइब्रेरी में जाकर पढ़ता था। मैं सेना के जवानों को देखता था कि चीन युद्ध में सैनिकों का बड़ा सत्कार करते हैं। मैंने पढ़ा गुजरात में सैनिक स्कूल में दाखिल हो सकते हैं।

हमें तो अंग्रेजी आती नहीं थी तो हमारे मोहल्ले में स्कूल के प्रिंसिपल के पास चला गया। फिर रामकृष्ण मिशन में चला गया और ये सारे नए-नए अनुभव होने लगा, हिमालय में भटका बहुत घूमा देखा कुछ कन्फ्यूजन भी था। मन में सवाल कुछ करता फिर जवाब देता और ऐसे भटकते-भटकते यहां चला आया।'

पीएम मोदी ने हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार से एक विस्तृत बातचीत की जिसमे उन्होंने अपने बारे में काफी कुछ बताया। पेश हैं उनकी बातचीत के मुख्य अंश- पीएम मोदी ने बताया कि मैं आम खाता हूं और मुझे आम पसंद भी है। वैसे जब मैं छोटा था तो हमारे परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी की खरीद कर खा सकें। लेकिन हम खेतों में चले जाते थे और वहां पेड़ के पके आम खाते थे। कभी मेरे मन में प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं हैं और मेरा जो फैमिली बैकग्राउंड हैं उसमें मुझे कोई छोटी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां उसी में पूरे गाओं को गुड़ खिला देती।

पीएम मोदी ने बताया कि बचपन में मेरा स्वाभाव था किताबें पढ़ना, बड़े बड़े लोगों का जीवन पढ़ता था। कभी फ़ौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सेल्यूट करता था। इतने लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहा लेकिन मुझे कभी गुस्सा व्यक्त करने का अवसर नहीं आया। मैं सख्त हूं, अनुशासित हूं लेकिन कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करता। अक्सर कोशिश करता हूं कि किसी काम को कहा तो उसमें खुद इन्वॉल्व हो जाऊं। सीखता हूं और सिखाता भी हूं और टीम बनाता चला जाता हूं।

अक्षय के ये पूछने पर कि क्या उन्हे अपने परिवार को साथ रखने की इच्छा नहीं होती, पीएम ने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री बनकर घर से निकला होता, तो मेरा मन रहता की सब वहीं रहे।
लेकिन मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ दिया था और इसलिए लगाव, मोहमाया सब मेरी ट्रैनिग के कारण छूट गया। मेरे आसपास एक वर्क कल्चर डेवलप होता है। हां, मैं काम के वक्त काम में रहता हूं। समय नहीं खराब करता हू। मैं कभी किसी से मिलता हूं तो मेरा कभी कोई फोन नहीं आता है। मैंने खुद को जीवन को ऐसा अनुशासित बनाया है। जहां तक ह्यूमर का सवाल है तो मेरे परिवार में मैं हमेशा पिता जी की नाराज होते थे तो पूरे माहौल को हल्का कर देता था।

पीएम मोदी ने बताया कि ममता दीदी साल में आज भी मेरे लिए एक-दो कुर्ते भेजती है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी साल में 3-4 बार खास तौर पर ढाका से मिठाई भेजती हैं। ममता दीदी को पता चला तो वो भी साल में एक-दो बार मिठाई जरूर भेज देती हैं। जब मैं गुजरात से सीएम बना तो मेरा बैंक अकाउंट नहीं था। जब एमएलए बना तो सेलरी आनी लगी। स्कूल में देना बैंक के लोग आए थे। उन्होंने बच्चों को गुल्लक दिया और कहा कि इसमें पैसे जमा करें और बैंक में जमा कर दें। लेकिन हमारे पास होता तब तो डालते। तब से अकाउंट यूं ही पड़ा रहा।

पीएम मोदी ने बताया कि सरकार की तरफ से एक प्लॉट मिलता है, कुछ कम दाम में मिलता है। फिर मैंने वो पार्टी को दे दिया। हालांकि कुछ नियम है जिस पर सुप्रीम कोर्ट में मामला है। जैसे ही वह क्लीयर होगा, प्लॉट मैं पार्टी के नाम कर दूंगा। अगर मुझे अलादीन का चिराग मिल जाये तो मैं उसे कहूंगा की ये जितने भी समाजशास्त्री और शिक्षाविद हैं उनके दिमाग में भर दो कि वो आने वाली पीढ़ियों को ये अलादीन के चिराग वाली थ्योरी पढ़ानी बंद कर दें। उन्हें मेहनत करने की शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनते समय शायद और प्रधानमंत्रियों को ये बेनिफिट नहीं मिला है जो मुझे मिला है वो ये है कि मैं गुजरात का इतने समय तक मुख्यमंत्री रहा और उस पद पर रहते हुए आपको बारीकियों से काम करना पडता है, मुद्दे आपके सामने सीधे आते हैं और उनका समाधान भी आपको सीधा ही करना पडता है।मैं समझता हूं कि इससे मुझे प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने में बहुत सहायता मिली। हम लोगों की एक इनर सर्कल की मीटिंग थी। अटल जी, आडवाणी जी, राजमाता सिंधिया जी, प्रमोद महाजन जी थे। उसमें सबसे छोटी आयु का मैं था। उसमें ऐसे ही बात छिड़ी कि रिटारटमेंट के बाद क्या करेंगे। मुझे पूछा तो मैंने कहा, मेरे लिए तो बहुत कठिन है। मुझे जो जिम्मेवारी मिलती है, वही करता जाता हूं।

अक्षय ने जब प्रधानमंत्री को सोशल मीडिया में उनपर चलने वाले मीम्स दिखाये और उनसे पूछा कि खुद का मज़ाक बनते देख उन्हें कैसा महसूस होता है तो पीएम बोले कि मैं एंजॉय करता हूँ साथ ही मैं क्रिएटिविटी पर ध्यान देता हूं कि ये तैयार करने वाले कितने क्रिएटिव हैं। मैं सोशल मिडिया जरूर देखता हूं इससे मुझे बाहर क्या चल रहा है इसकी जानकारी मिलती है। मैं आपका भी और टविंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं और जिस तरह वो मुझ पर गुस्सा निकालती हैं तो मैं समझता हूं की इससे आपके परिवार में बहुत शांति रहती होगी। मैंने आपकी टॉयलेट एक प्रेम कथा नाम की आपकी फिल्म देखने के लिए लोगों को कहा था, क्योंकि वो एक सामाजिक मुद्दे पर बनी फिल्म थी। हमारे देश में बीमारी सबसे बड़ा मुद्दा है और उससे बचने के दो ही तरीके हैं स्वच्छता और फिटनेस।

पीएम मोदी अभी झारखंड के गुमला में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। कल के अपने रोड शो के बारे में उन्‍होंने कहा कि कल ऐसा शानदार, जानदार दृश्य था जो देखते ही बनता था, राजभवन तक एक इंच ऐसी जगह नहीं थी कि जहां पूरा रांची शहर खड़ा होकर आशीर्वाद न देता हो। एक सरकार को दोबारा सरकार बनाने के लिए जनता का मिजाज क्या होता है ये झारखंड वालों ने कल दिखा दिया। आपकी इस ललकार ने दिल्ली की कुर्सी पर नजर गड़ाएं भ्रष्टाचारियों और महामिलावटियों में हड़कंप मचा दिया है। तीन चरण के मतदान के बाद, 300 सीटों पर वोट पड़ने के बाद अब विरोधियों के लिए खुले रूप से पराजय स्वीकार करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है।

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें तो दूसरे चरण में ही अदांजा आ गया था, फिर भी बात करने की हिम्मत कर रहे थे, कल के चुनाव के बाद उनके चेहरे लटक गए है। विरोधियों ने भी मान लिया है कि फिर एक बार मोदी सरकार। तीसरा चरण समाप्त होते होते इन लोगों ने अपनी तोप का मुंह मोड़ दिया है, अब तक जितनी गालियां वो मोदी को देते थे अब वो गालियां इवीएम को देने लगे हैं। अपनी हार का ठीकरा इवीएम पर फोड़ने की शुरुआत इन्होने पहले से ही कर दी है। दिल्ली में आपने मजबूत सरकार बनाई, तभी आज नक्सलवाद-माओवाद पर हम इतना काबू पा सके हैं। भाजपा-एनडीए सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में बहुत कमी आई है। झारखंड में भी आप इसका अनुभव कर रहे हैं कि पहले जिन इलाकों में दिन ढलने के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे, वहां अब स्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आपने दो दिन पहले ही देखा कि किस तरह ईस्टर के पवित्र दिन श्रीलंका में आतंकवादियों ने किस तरह चर्च और दूसरी प्रमुख जगहों पर बम धमाके किए। जो दिन भगवान यीशू के संदेश की याद दिलाता है, उस दिन आतंकियों ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली। 2014 से पहले भारत में भी तो स्थिति से गुजर रहा था। पाकिस्तान आतंकी भेजता था, आतंकी यहां पर हमले करते थे और जो कांग्रेस की सरकार थी, वो रोना शुरू कर देती थी। रोते हुए, डर-डरकर आतंकवाद का मुकाबला हो सकता है क्या। पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब, आपके इस चौकीदार की सरकार ने दिया। हमने घर में घुसकर आतंकियों को मारा, आतंक के सरपरस्तों को खत्म किया। आज हर आतंकी के मन में ये डर है कि अगर उसने कोई गलती की, तो ये मोदी है-उसे पाताल में भी खोजकर ठिकाने लगा देगा।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण जहां भी मैं गया, सब जगह मोदी-मोदी की आवाज सुनाई देती है। इससे तय होता है कि देश की जनता ने नरेन्द्र मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लिया है। याद रखिएगा कि कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों का आतंक को लेकर क्या रवैया है। ये लोग पाकिस्तान को सबक सिखाने वाले हमारे वीरों पर ही सवाल उठा रहे हैं। वो कह रहे हैं कि सबूत लाओ, तब हम मानेंगे कि पाकिस्तान में आतंकियों पर हमला हुआ। वो हमारे देश के वीर जवानों की नीयत पर, उनके पराक्रम पर शक कर रहे हैं। अफगानिस्तान में फादर प्रेम को आतंकियों ने पकड़ लिया। उसी प्रकार से फादर टॉम को भी IS के आतंकियों ने पकड़ लिया था। यहां के सारे चर्च से लोग मेरे पास आते थे कि इन्हें बचाइए। आपका ये चौकीदार बारी बारी से उन्हें छुड़ाकर लाया और उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस ने जिसे मुख्यमंत्री बनाया है, जिसका वो समर्थन कर रही है, उस मुख्यमंत्री का कहना है कि फौज में तो वही नौजवान जाते हैं, जिन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं होती, जिन्हें अपने पेट की भूख मिटानी होती है! डूब मरो  डूब मरो ऐसी सोच रखने वालों। कांग्रेस, देश की सेवा के लिए सरकार नहीं चलाना चाहती, वो सिर्फ एक परिवार के लिए सोचती है और उसी को समर्पित है। बाकी लोग उसके लिए सिर्फ एक वोटबैंक हैं। आजादी के बाद से लेकर आजतक का इतिहास देखें तो कांग्रेस में आप इस एक परिवार के अलावा और किसी की तारीफ नहीं सुनेंगे। इस परिवार के अलावा कांग्रेस को भारत में और कोई रत्न ही नहीं दिखता। इस परिवार के आगे कांग्रेस को कभी भगवान बिरसा मुंडा नहीं दिखे। इस परिवार के आगे कांग्रेस को कभी बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर नहीं दिखे। इस परिवार के आगे कांग्रेस को कभी सरदार पटेल नहीं दिखे।

पीएम मोदी ने कहा कि आपके इस चौकीदार की नीयत नेक है इसलिए नीति साफ है। दूसरी तरफ कांग्रेस के पास सिर्फ वंशवाद है और गरीब को गरीब बनाए रखने की सोच है। इसी सोच की वजह से जहां भी कांग्रेस की सरकारें बन रही हैं, वो आदिवासियों को मिलने वाली सहायता बंद कर रही हैं।

पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की रैलियों में उमड़ रही भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा है कि बंगाल में प्रतिस्पर्धा चल रही है कि मोदी की सुबह वाली रैली बड़ी होगी या शाम वाली, कल वाली रैली बड़ी होगी या आज वाली रैली। दिल्ली में बैठकर कोई सोच सकता है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की इतनी बड़ी रैली होगी। वहीं से बंगाल की की धड़कन का अंदाजा देश को हो गया था। दीदी को जो थोड़ी बहुत आस थी, वो भी पिछले 3-4 दिन की वोटिंग के बाद फीकी हो गई। किराए के गुंडों के सहारे दीदी आखिर कोशिश में है। लेकिन इस बार बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। क्योंकि इस बार भाजपा के साथ बंगाल की जनता भी दीदी के खिलाफ खड़ी हो गई है।

 पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी को लगता था कि इस बार भी बम, बंदूक, तलवारें, हुड़दंगबाजी इसके दम पर बीजेपी के बहादुर कार्यकर्ताओं को डरा पाएंगे। अगर ऐसे हमलों से बीजेपी डर जाती तो देश की दिशा बदलने वाले आंदोलन कभी खड़ा न कर पाती और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी न बन पाती। हम तो बलिदान देकर आए हुए हैं, हम डरने वालों में से नहीं हैं। कान खोल कर सुन लो दीदी, लोकतंत्र में हिंसा के लिए जगह नहीं होती है। अगर बीजेपी हिंसा से डर जाती तो 2 सांसदों वाली पार्टी आज पूर्ण बहुमत के साथ दिल्ली की सेवा न करती।

 पीएम मोदी ने कहा कोई कैसे पलटी मारता है इसका सबसे बड़ा उदाहरण वर्तमान राजनीति में दीदी से बढ़कर कोई नहीं है। 2005 में जो घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए संसद में आंसू बहाती थी, वो आज घुसपैठियों की सबसे बड़ी रक्षक बन गई। वो भूल गई है कि चौकीदार चौकन्ना है। भाजपा एक मजबूत, लेकिन संवेदनशील सरकार के पक्ष में रही है। बीते पांच वर्षों में हमने इसी भावना के साथ सरकार चलाई है। आपकी सेवा की है। हमने एक तरफ राष्ट्रहित में कड़े फैसले लिए हैं तो वहीं सामान्य मानवी के जीवन को सुरक्षा कवच देने वाली योजनाएं बनाई हैं।

 पीएम मोदी ने कहा कि देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के लिए पीएम श्रम योगी मानधन योजना बनाई है। इस योजना में 60 साल के बाद श्रमिक भाई-बहनों को हर महीने पेंशन मिलेगी। मजदूरों के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी ने कभी असंगठित मजदूरों की पेंशन के लिए नहीं सोचा। मुझे गरीबी किताबों में नहीं पढ़नी पड़ती है। मैं गरीबी जी कर आया हूं। मेरी मां जब चूल्हे में लकड़ियां जलाकर खाना पकाती थी पूरा घर धुआं भर जाता था। खाना पकाते समय लकड़ी के धुएं से 400 सिगरेट जितना धुआं इन माताओं-बहनों के शरीर में जाता है। बच्चे बीमार हो जाते हैं। ये दर्द मैं समझ पाता था क्योंकि मैंने इस दर्द को जिया था। इसलिए मैंने देश की हर माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति का अभियान चलाया है और करोड़ों परिवारों में गैस का चूल्हा पहुंचाया है।

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